ये कैसी जगह हैं? ये तो पूरी तरह सोच के परे की कोई विचित्र दुनिया मालूम होती हैं। मैं कहा आ गया हूं?

“नमस्कार”

ये किसकी आवाज़ हैं? आवाज़ तो सुनाई दी, परंतु कोई दिख नहीं रहा!

“नमस्कार मैं आपका गाईड”

आप गाईड हैं? पर किस जगह के? और आप सिर्फ सुनाई क्यूं दे रहे हैं? दिखते क्यूं नहीं??

“मैं महाभारत संग्रहालय का गाईड हूं, क्योंकि मैं आपके मन मै स्थित होकर हूं इसलिए सिर्फ सुनाई दे पा रहा हूं। ये हमारे काल की एक तकनीकी हैं।”

मुझे कुछ समझ नही आ रहा हैं। महाभारत तो एक पौराणिक कहानी हैं। उसका संग्रहालय में पहली बार सुन रहा हूं।

“आपको महाभारत संग्रहालय की सैर के लिए चुना गया है। यह संग्रहालय कलि युग के पूर्व हुई, पौराणिक महाभारत काल की वस्तुओं का संग्रहालय है। कलि काल के परारंभ में जब उस आधुनिक काल की शेष वस्तुओं को हटाया जा रहा था तो हमारी कंपनी ने इस लोक पर महाभारत काल की बची सभी वस्तुओं को संग्रहित किया था।”

इसका मतलब यहां पर सारी वस्तु महाभारत काल से जुड़ी हैं! लेकिन सब कितना विचित्र है ऐसा लगता हैं मानो कोई sci-fi फिल्म हो!

“जी हां! महाभारत काल की सभ्यता , जिस काल से आप आए है उससे काफ़ी ज्यादा विकसित थी। चलिए अब किसी एक खण्ड की ओर बड़े। चलने के लिए आपको मात्र उस जगह के लिए सोचना है जहा आपको जाना है।”

अच्छा!

खण्ड चुना जाए? 

उम्म्म!

*तकनीकी खण्ड *

शुरुआत के लिए ये सही रहेगा।

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अध्याय 2-तकनिकी खण्ड